एक सप्ताह में जिलों को मिल जाएंगे प्रभारी मंत्री!
Bhopal News : अक्षर भास्कर, भोपाल। अमरवाड़ा उपचुनाव के बाद अब सरकार में मंत्रियों को जिलों का प्रभार दिए जाने की जद्दोजहद शुरू हो गई है।
बताया जाता है कि तकरीबन एक सप्ताह में जिलों को प्रभारी मंत्री मिल जाएंगे।
सूत्र बताते हैं कि किस जिले का प्रभार किस मंत्री को दिया जाए, इसको लेकर सत्ता के साथियों और संगठन के साथ मुख्यमंत्री की चर्चा हो चुकी है।
यहां तक कि मंत्रियों से भी रायशुमारी की जा चुकी है।

कैबिनेट मंत्री को दो जिलों का प्रभार
सूत्रों की मानें तो मंत्रियों को दिए जाने वाले प्रभार के जिलों की सूची तैयार कर ली गई है।
इसके अनुसार अधिकांश कैबिनेट मंत्रियों को दो-दो जिलों का प्रभार दिया जाना है।
प्रदेश के तीन नए बने जिले मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा को भी पहली बार प्रभारी मंत्री मिलेंगे।
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कुछ मंत्रियों ने गृह जिले का भी प्रभार मांगा है, ऐसे में कुछ मंत्रियों की ये मुराद भी पूरी हो सकती है।
यदि कमलेश शाह कैबिनेट मंत्री बनाए गए तो छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों का प्रभार उन्हें दिया जा सकता है।
सूत्र बताते हैं कि इस बार प्रभार के आवंटन में मंत्री के गृह क्षेत्र और प्रभार के जिलों में ज्यादा दूरी नहीं हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा।
राज्य मंत्रियों को मिलेगा एक जिला

बताया जा रहा है कि कैबिनेट मंत्रियों को तो दो-दो जिलों का प्रभार दिया जाएगा, लेकिन राज्य मंत्रियों को एक-एक जिले का ही प्रभार मिलेगा।
इनके जिले भी तय कर दिए गए हैं।
ये है गणित
प्रदेश में सीएम सहित मंत्रियों की संख्या 32 है।
सीएम को छोड़कर और दोनों डिप्टी सीएम को जोड़कर 31 मंत्रियों को प्रभार के जिले दिया जाना है।
हाल में ही रामनिवास रावत को भी मंत्री बनाया गया है।

इससे कैबिनेट मंत्रियों को संख्या बढकऱ 21 हो गई है, वहीं 6 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 राज्य मंत्री हैं।
वरिष्ठ मंत्रियों को महानगर
माना जा रहा है कि वरिष्ठ मंत्रियों को प्रदेश के चारों महानगरों वाले जिलों का जिम्मा सौंपा जाएगा।
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उन्हें वह जिले मिलना पहले से तय माना जा रहा है, जहां पर वे चुनाव के समय बनाए गए कलस्टर के बतौर प्रभारी काम कर चुके हैं।
जिन बड़े चेहरों को महानगर वाले जिलों का प्रभार दिया जा सकता है, उसमें कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राजेन्द्र शुक्ल और तुलसी सिलावट के नाम शामिल हैं।